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राजस्थान हाईकोर्ट का बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में अध्यक्ष को नोटिस

जयपुर : राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य के विधानसभा अध्यक्ष को भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा के राष्ट्रीय सचिव सतीश मिश्रा की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। ये याचिकाएं बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में विलय के मुद्दे पर दायर की गयी हैं। इस मामले की सुनवाई अब बृहस्पतिवार को होगी।

इन दोनों ने एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ मंगलवार को उच्च न्यायालय के खंड पीठ का दरवाजा खटखटाया था। एकल न्यायाधीश ने बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस विधायकों के रूप में काम करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। आग्रह के बाद इस मामले की सुनवाई बुधवार के लिए मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता वाली खंड पीठ के सामने सूचीबद्ध कर दी गई थी।

दोनों ही पक्षों ने सिंतबर, 2019 में अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में विलय की अनुमति के खिलाफ याचिकायें दायर की थी। एकल पीठ ने अध्यक्ष और विधानसभा के सचिव और छह विधायकों को 30 जुलाई को नोटिस जारी किये थे। इन सभी को 11 अगस्त तक नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि अदालत ने इस पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी।

इन दोनों पक्षों की मांग थी कि इन छह विधायकों के कांग्रेस विधायकों की तरह सदन में काम करने पर रोक लगाई जाए। इसके बाद भाजपा विधायक और बसपा ने मंगलवार को अलग-अलग याचिकाएं डाली और खंड पीठ के समक्ष इसे तत्काल सूचीबद्ध करने अनुरोध किया। बसपा के छह विधायकों संदीप यादव, वाजीब अली, दीपचंद खेरिया, लखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुधा ने पिछले साल सिंतबर में कांग्रेस में विलय कर लिया था।

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